अनार के फायदे

अनार के फायदे क्या है , अनार का जूस बनाने का विधि, अनार के स्वास्थ्य लाभ क्या है अनार का पेड़ कहा पर उगता है अनार के गुण की जानकारी .

अनार :

अनार खाने के फायदे

अनार खाने के फायदे

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अनार के Synonyms :

  • मराठी नाव : डाळिंब बोलतात
  • Sanskrit : दालिमफल ,कुचफल,दन्तबीज,दशनबीज,दाडिम
  • English name : pomegranate,pomegranate tree
  • Urdu me : Anar Ka Drakht

अनार की जानकारी :

भारत में अनार सभी जगह पर पाया जाता है . अनार भारत के अलावा ईरान ,बलूचिस्तान और अफगानिस्थान में पाया जाता है . इसमें “विटामिन C” लौह ,फोस्फोरस ,चुना अधिक मात्रा में मौजूद होता है . अनार का स्वाद खट्टा और मीठा होता है .

अनार खाने के फायदे:

अनार का फल का उपयोग ज्यादातर औषधि के रूप में आयुर्वेदिक गुण की तरह इस्तमाल करते है .

अनार का जूस बनाने के बाद इसको पिने से आपको कई सरे फायदे होते है जैसे की :

  • खून की कमी दूर करता है .
  • शारीरिक कमजोरी को दूर करता है.
  • थकान दूर करने में लाभदायक.
  • पाचन शक्ति को बढ़ता है .
  • पाचन विकार दूर करता है .
  • प्यास शांत करने वाला फल है .
  • शरीर का रक्त शुद्ध करता है .
  • इसके इस्तमाल से चेहरे पर निखार आता है .
  • उदर कृमि नष्ट करने के लिए और उदर विकार दूर करता है .

अनार के फायदे

  • बहरापन का इलाज :

बेल के पत्तों के रस  के साथ  २०-२० ग्राम अनार को ५० ग्राम गाय के घी में डालकर बहुत देर तक अच्छे से गरम कर ले फिर इसे छानकर लगभग २०० ग्राम दूध के साथ सुबह और शाम को पीने से आपका बहरापन दूर होने में मदत होती है .

  • बुखार खांसी का इलाज :

    अगर आपको बुखार के साथ खांसी हो रही है तो अनार का छिलका ,पिप्पली को २०-२० ग्राम में लेकर इसके साथ दालचीनी , छोटी इलायची और तेजपात सबको 5-5 ग्राम की मात्रा में लेकर इसके साथ १० ग्राम गुड इन सबको अच्छी तरह से पीसकर रोज दिन में 2 बार 5 ग्राम चूर्ण गरम पानी के साथ लेने से बुखार और खांसी का इलाज होता है .

सर्दी जुखाम खांसी का इलाज करने के घरेलु तरीके लिए पढ़िए .

  • दस्त रोगों का इलाज :

    अनार का रस निकालकर जूस पीने से प्यास, बेचैनी, अचानक जी मिचलाना, उल्टी और अन्य दस्त के रोगों में देने से गुणकारी होता हैं

  • घाव के लिए दवा :

    घाव को भरने के लिए अनार के छिलके  पानी में उबालकर इस पानी से घाव को धोने के बाद हलके से कॉटन से पोछ ले ऐसा करने से घाव जल्दी भरता है .

  • गंजापन का इलाज :

    गंजापन की समस्या के लिए अनार के पत्तो को बारीक़ पीसकर सर पर लेप करने से गंजापन कम होता है .

  • पेटदर्द का नुस्खा :

    अनार के दानो पर कालीमिर्च और नमक डालकर खाने से पेटदर्द कम होता है .

  • स्वप्नदोष की समस्या :

    कंधारी अनार का चिल्का पीसकर ३ ग्राम चूरन सुबह शाम लेने से स्वप्नदोष की समस्या दूर होती है .

  • दाह (जलन) :

    इमली के साथ अनार को एक साथ पीसकर शरीर पर लगाने से शरीर की जलन समाप्त हो जाती है.

अनार के छिलके के फायदे हिंदी में :

महिलाओ के लिए फायदे :

  • अत्याधिक मासिक धर्म स्राव में :

अनार खाने के बाद इसके छिलके को सुखाकर इस सूखे छिलके को पीसकर छान लें और इस चूर्ण को 1 चम्मच की मात्रा में दिन में 2 वक़्त सेवन करने से अत्यधिक मासिक स्राव में रक्तस्राव बंद होने में मदत होती है .

अनार के छिलके सुखाकर पिसने से इसका चूर्ण बनाकर एक शीशी में भरकर रखदे, अब इसमें से एक चम्मच चूर्ण खाकर ऊपर से पानी को पीने से बार-बार खून निकलने की शिकायत दूर होती है.

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  • गर्भधारण की क्षमता में वृद्धि के लिए :

अनार की 1-2 ताजी कली लेकर इसको पानी में पीसकर पिलाने से, गर्भधारण शक्ति बढ़ती है तथा प्रदर रोग से मुक्ति मिल जाती है.

  • गर्भपात के लिए घरेलु इलाज :

अनार का इस्तमाल गर्भपात करने के लिए भी किया जाता है . अनार के छिलके निकालकर सुखाने के बाद इन छिलके से  महिला की योनि में धूनी देने से गर्भपात हो जाता है. इसका प्रयोग जिसको बच्चा चाहिए उन्होंने गलती से भी नहीं करना है . ये सिर्फ गर्भपात करने के लिए है .

  • लडकियों के ब्रैस्ट(स्तन) को सुडौल, सख्त और आकर्षक करने के लिए :

माजूफल 125 ग्राम और लगभग एक किलो अनार की छाल २ लीटर पानी लेकर इसमें डालकर अच्छी तरह पकायें जब पानी आधा हो जाये तब इसे छानकर इस  में 125 मिलीलीटर तिल्ली का तेल डालकर पकाकर ब्रैस्ट के ऊपर यानि स्तनों पर लेप करने से आपके स्तन कठोर सख्त होते हैं.

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एक अनार को पीसकर इसको २०० या २२५ मिलीलीटर सरसों के तेल में डालकर अच्छी तरह गरम कर लें और इस तेल की मालिश नियमित रूप में  स्तनों पर करते रहने से महिलाओ के ब्रैस्ट को सुडौल, सख्त और सौंदर्ययुक्त बनाने में मदत करता है.

  • योनि का छेद छोटा करने के लिए : (योनी को tight करने के लिया ) :

अनार की छाल निकल कर इसके साथ  कूठ, धाय के फूल, फिटकरी का फूला,हाऊबेर, माजूफल और लोधा को एक सामान मात्रा में लेकर इसको अच्छा पीसकर इसका चूर्ण बनाकर इस  चूर्ण को शराब में मिलाकर योनि के ऊपर लेप करने से योनि सिकुड़ जाती है और योनी का होल छोटा होता है . इसको योनी को tight करने के तरीके में गिना जाता है .

अनार के छिलके के अनार के पत्ते के अनार के दानो के कई सरे फायदे निचे दिए हुए बीमारी के लिए है .

पोथकी, रोहे,रतौंधी (रात में न दिखाई देना),कांच निकलना (गुदाभ्रंश),श्वास या दमा रोग,नाखून पीड़ा,मुंह के छाले (खुनाक),आंत्रिक ज्वर (टायफाइड),कंडूरोग (खुजली),व्रण (घाव), खूनी दस्त,सिर का दर्द,कर्ण विकार (कानों के रोग),दांतों के रोग के इलाज के आयुर्वेदिक दवा की तरह काम करता है .

 

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