अश्वगंधा के फायदे

अश्वगंधा के फायदे (ashwagandha benefits in hindi) बहुत सारे है. जानिए क्या है अश्वगंधा के फायदे हिन्दी मे  :

अश्वगंधा के फायदे

अश्वगंधा के फायदे हिन्दी मे

अश्वगंधा के फायदे हिन्दी मे

  • अश्वगंधा को असगंध भी कहते है.
  • अश्वगंधा की जड़ मे अश्व जैसी गंध आती है. इसी कारण इसको अश्वगंधा कहते है.
  • इसकी जड़ सूखने के बाद इसकी गंध गायब हो जाती है.
  • अश्वगंधा के जड़ को अच्छी तरह सुखाकर औषधि के रूप मे ईस्तमाल किया जाता है.
  • अश्वगंधा ज़्यादातर राजस्थान के नागौर के पास पाई जाती है. इसके कारण नागौर को असगंध भी कहा जाता है.
  • कायाकल्प योग की ये सबसे प्रमुख औषधि यानिकी दवा है.
  • इसका उपयोग आपकी कामोतेज्जक भावना के लिए ज़्यादा ईस्तमाल की जाने वाली दवाई है और इसका शरीर पर कोई ग़लत असर नही देखा गया है.

अश्वगंधा जड़ी कहापर मिलती है:

अश्वगंधा बाजार मे किसिभि पंसारी की दुकान पर आपको मिल जाएगी. ये बाजार मे अश्वगंधा चूर्ण,अश्वगंधा रसायन,अश्वगंधारिष्ट,अश्वगंधा पाक या पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल (ashwagandha tablets)  के दवाइयो के नाम से मिलता है. रामदेव बाबा जी का पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल (ashwagandha tablets) करके भी मौजूद है.

अश्वगंधा के फायदे :

अश्वगंधा आपके उमर बढ़ाने के लिए और आपको जवान रखने के लिए असरदार दवाई है.
इस का प्रयोग करने से आपके खून मे यानिकी आपके रक्त मे हिमोग्लोबिन बढ़ने मे मदात होति है.
इसमे कॅन्सर को बढ़ने से रोकने की क्षमता होती है.

अश्वगंधा का सेवन कैसे करे:

अश्वगंधा पाउडर चूर्ण ३ से ६ मात्रा मे सुबहा – शाम पीने से फ़ायदा होता है.

  • वात के विकार के लिए:

अगर आपको वात ज्वर की बीमारी हुई है तो आप अश्वगंधा,मिस्री और सौंठ एक समान भाग मे लेकर अच्छी तरह से पीस ले. इस पिसे हुई पाउडर यानी चूर्ण को सुबहा शाम दूध के साथ लेकर आपके पेट के विकार की और पेट के गॅस की समस्या ख़तम हो जाएगी. आप चाहे तो इसे दूध की जगह पानी का भी ईस्तमाल कर सकते हो.

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  • आधासिसी के बीमारी के लिए :

अगर आपका सर आधा दर्द कर रहा है. तो इसका घरेलू आयुर्वेदिक उपाय है अश्वगंधा. असगंध की जड़ को पानी मे भिगोकर किसी सख़्त चीज़ पर घिसकर या किसी पत्थर पर घिसकर सर के माथे पर लेप करना है. और एक चम्मच असगंध का चूर्ण दूध मे मिलाकर सुबहा शाम लेने से आधासिसी का यानिकी आधा सिर दर्द दूर हो जाता है.

  • Swapn Dosh (स्वप्नदोष)

अगर आपको स्वप्नदोष की बीमारी है तो आप असगंध को पीसकर उसमे शक्कर या मिश्री मिलाकर सुबहा उठकर ५-६ ग्राम चूर्ण पानी के साथ लेने से स्वप्नदोष की आदत छूट जाएगी. इसके उपयोग से शीघ्रपतन स्वप्नदोष मुत्र्रोग और दिल की धड़कन की बीमारियो के लिए लाभ होता है.

  • कुल्हो के दर्द का आयुर्वेदिक उपाय

अगर आपके कुल्हो मे दर्द हो रहा है तो आप असगंध चूर्ण मे शक्कर और गाय का घी मे मिलाकर १ तोला हर रोज खाने से आपके कुल्हो के दर्द के लिए आयुर्वेदिक उपाय है.

  • लड़कियो के लिए दूध बढ़ाने मे फ़ायदेमंद

असगंध और शतावरी एक साथ मात्रा मे लेकर उसको अच्छी तरह से पीस ले और एक चम्मच रोजाना सुबहा उठकर दूध के साथ लेने से महिलाओ के स्तनो का दूध बढ़ाने मे मदत करता है. और ऐसा करने से स्तनो मे बढ़ने के लिए और स्तनो के विकार इस से दूर हो जाते है.

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  • वजन बढ़ाने मे घरेलू तरीका है.

अगर आप को ऐसा लगता है की आपके उँचाई के साथ आपका वजन संतुलित नही लग रहा है तो आपके लिए अश्वगंधा एक बहुत बढ़िया तरीका है. आपको आपका वजन बढ़ने के लिए छोटी हरड़ ,असगंध,इसबगोल ,शतावरी २०-२० ग्राम मिश्री ८० ग्राम ,श्वेत लोध्र सबको अच्छी तरह पीसकर २ चम्मच चूर्ण दूध के साथ पीने से आपका वजन बढ़ने मे मदत होती है.
शरीर पतला और दुर्बल है तो करे इसको मजबूत.

अगर आप की बॉडी ज़्यादा नही है और आप बहुत पतले है और आप किसी काम को करने मे कमजोर समजते है अपने आप को तोअश्वगंधा के फ़ायदे से आप अपनी पर्सनॅलिटी अच्छी बना सकते है.
३ से ६ ग्राम असगंध चूर्ण मिशरी मिलाकर दूध के साथ पीने से आपकी सेहत अच्छी बनेगी और आपके शरीर की दुर्बलता कम होगी. दोस्तो इस घरेलू उपाय को आपको कम से कम ६ महीने तक करना है.

 

 

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