अलसी के फायदे हिंदी में जानकारी

अलसी के फायदे

अलसी के फायदे

अलसी के फायदे

 दोस्तो आज हम आपको अलसी के गुण और अलसी के घरेलू फायदे आपको बताने वाले है | अलसी का तेल गरीब लोग खाने वह शरीर में लगाने के काम में लेते हैं |

अलसी के फायदे घरेलू उपाय :

  1. अलसी के चूर्ण को पानी में पकाकर गरम-गरम संधिवात से आक्रांत अंगों पर एक अंगुल मोटा लेप लगाकर उस पर एरण्ड का पत्ता रखकर फलालैन कपड़े की पट्टी सुबह-शाम बांधने से संधिवात की पीड़ा दूर हो जाती है तथा चिंगड़े हुए हाथ पैर खुल जाते हैं और रोगी आराम से चलने फिरने लगता है |
  2. अलसी बीज का चूर्ण एक तोला और पानी 16 तोला लेकर क्वाथ बनाए |जब पानी जलकर अष्टमांश शेष बचे तक इस को पिलाएं यह क्रिया सुबह शाम करने से सुझाक और उष्णवात की दाह और मूत्रकृच्छ दूर हो जाता है |इस योग के सेवन से गले की खराश भी मिट जाती है तथा इसको सुखोषन पीने से इसमे थोड़ी हल्दि और गुड़ भी क्वाथ बनाते समय डाले ले | गले और सुजाक में इसके काढ़े को ठंडा करके ही पिए |
  3. अलसी के बीजों का चूर्ण को पानी मे पकाकर हलुआ जैसा बनाकर गर्म गर्म ही  24 घन्टे वर्ण पर बांधने से वर्ण शोध  फुट जाता है |
  4. बवासीर के रोगियों के लिए अलसी बहुत ही लाभदायक है. जिन्हें यह बीमारी हो, वे 2-4 चम्मच अलसी का तेल आधा गिलास गर्म दूध में मिला कर सोते समय पीयें. सुबह कम से कम दो बार दस्त होगी, और धीरे-धीरे बवासीर भी ठीक हो जायेगी |
  5. अलसी के फूल युक्त संपूर्ण पौधे का सुखा कर जला ले |इसकी राख को असली के तेल में मिलाकर बच्चों के गुदपाक पर लगाना बहुत ही लाभदायक होता है |इसके लगाने से दृष्ट किस्म के वर्ण भी ठीक हो जाते हैं |
  6. अलसी का तेल और चूने का निथरा हुआ जल समंभाग एक मात्रा में मिलाकर और खूब फेंटकर गाढ़ा गाढ़ा मल हम जैसा बना कर आग से जले जख्म पर लगाने से मितकर घाव भरकर सुख जाता है |
  7. अलसी के बीजों के चूर्ण को पकाकर हलवा जैसा बना कर गरम-गरम फुला लेने के कपड़े में फैला कर छाती और पीठ पर बांधने से निमोमियाजन्य फुफ्फुस शोध और उरक्षतजन्य उर:शोध मिट जाता है |
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