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हकलाना तोतले पन का इलाज हिंदी में

हकलाना तोतले पन का इलाज

हकलाना

हकलाना

हकलाना तोतले पन कोई रोग नहीं किंतु मानसिक दोष है जो अभिभावको की अज्ञानता के कारण होता है। छोटे बच्चे के हकलाना पर माता पिता द्वारा विशेष ध्यान न देने पर वह हमेशा तोतला बोलने लगता है जबकि हकलाना जबड़ो की पेशियों के कड़ेपन और होठों की मंदगति के कारण होती है।

इन दोनों विकारों के कारण बच्चा स्पष्ट स्वर में नहीं बोल पाता। बचपन में इन दोष पर ध्यान न दिया जाए तो यह दोष जीवन भर के लिए हो जाते हैं। और जीवनभर उन्हें हकलाने की समस्या होती रहती है। इस समस्या की वजह से उन्हें बहुत परेशानी होती है।

बोलने में काफी तकलीफ होती है और वह एक मजाक का विषय बन जाते हैं। इसलिए समय रहते ही इसका इलाज करना चाहिए। अगर बच्चे हकलाते हो तो नीचे दिए गए उपचार कीजिए।

हकलाना का उपचार :

आंवला:

बच्चे को यदि एक ताजा आंवला कुछ दिनों तक खिलाते रहे तो उसका तुतलाना तोतले पन बंद हो जाता है और बच्चे की जीभ पतली हो जाती है वह आवाज स्पष्ट निकलने लगती है।

बादाम:

बादाम की सात गिरी व साथ काली मिर्च मिलाकर पत्थर पर पिस ले तथा चटनी की भांति लुगड़ी बना लें। इसमें जरा सी पिसी हुई मिश्री मिलाकर सुबह-शाम बच्चों को चटाए। इससे तुतलाना व हकलाना बंद हो जाएगा। 12 बादाम भिगोकर छीलकर पीसकर इसमें आधा चम्मच मक्खन मिलाकर कुछ महीनो तक नित्य बच्चों को खिलाएं। इससे उसका तोतले पन बंद हो जाता है। वह जीभ के सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं।

छुहारे:

अगर बच्चे बोलते समय हकलाते हैं तो, सोते समय एक छुहारा दूध में उबालकर बच्चों को दे इस उपचार के 2 घंटे बाद उसे पानी ना पिलाए इससे आवाज साफ हो जाएगी।

अदरक:

अगर छोटे बच्चे हकलाते या फिर तुतलाते हो तो उन्हें अदरक के रस में शहद मिलाकर चटाए। इससे उनका तोतले पन या फिर तुतलाना बंद हो जाता है।

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