मोच का इलाज पैर के मोच को कैसे ठीक करे

मोच का इलाज

मोच का इलाज

मोच का इलाज

हड्डी संबधी रोग

चलने ,दौड़ने,ढलान से फिसलने , सिडीया उतरने या चढ़ने , पैर ऊपर निचे पड़ने से , घुटने या एडी में मोच आ जाती है|मोच आने पर मांसपेशियों पर तनाव आता है और उस अंग पर मरोड़ सी आने लगती है| मोच आने पर सुजन आती है और दर्द होता है|मोच आने पर क्या करें 

मोच का इलाज :

 मोच आने पर निम्न उपाय करे मोच की दवा पैर की मोच का इलाज:

  • मोच वाले हिस्से पर ठंडी सेंक दे , और उस हिस्से पर दर्द कम होने तक पट्टी बांधे |
  • गरम पानी में नमक या फिटकरी डालकर पतली धार बनाकर गुनगुना पानी मोच वाले हिस्से पर डाले|
  • हल्दी को पानी में पीसकर उसका गरम लेप मोच वाली जगह पर लगाकर मोच का इलाज|
  • हल्दी और  प्याज का लेप मोच पर लगाये|
  • हल्दी और पुराना गुड मिलकर मोच पर लगाये और बांध ददे |
  • शहद और चुना मिलकर मोच पर लेप दे और बांध ले |
  • तिल की खली पानी के छीटे देकर पिस ले , उसे गर्म करके गुनगुना ही मोच पर पट्टी से बांधे |
  • बेंगन  के गुदे में हल्दी मिलकर गरम करे, और सेंक देने के बाद मोच पर बाँध ले ऐसा करने से मोच का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से होता है|

हड्डी की चोट (फ्रैक्चर)

फर्श पर फिसलने या चले फिरने, साइकिल से गिरने से चोट आती है, बहुत ज्यादा हुआ तो मांस फट जाता है |

इससे सुजन आती है और वह स्थान लाल पिला पड जाता है|चोट वाले हिस्से पर दर्द होता है|

चोट वाले हिस्से पर हलकी मालिश करने से आराम मिलता है| थोडीसी सिंकाई या मलहम लगाने से भी आराम मिलता है|

लेकिन जब हात या पैर की हड्डी टूट जाती है तो बड़ी तकलीफ होती है | इसमे चोट की मालिश नहीं करनी चाहिए और हिलना डुलना नहीं चाहिए|

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सावधानिया: फ्रैक्चर होने पर निचे दिए हुई सावधानिया बरते :

  • फ्रैक्चर को मालिश न करे और न हिलने डुलने दे |
  • हड्डी अगर टुटके बहार आगयी है तो उसे दबाये नहीं|
  • अगर बांह की हड्डी टूट जाये तो बांह को छाती के साथ बांध ले |
  • अगर हद्दी टूटने का पता न चले तो तो दर्द हो तो उसका एक्स-रे  अवश्य करे|
  • एक्स-रे में अगर फ्रैक्चर दिखाई दे तो डॉक्टर से प्लास्टर लगवाये , प्लास्टर उसे हिलने डुलने नहीं देता और टेड़ा होने से बचाता है|
  • जिस चोट मे फ्रैक्चर नहीं और सुजन है तो उस स्थान पर बैंगन के आधे भाग पर हल्दी पाउडर लगाकर सिंकाई दे और रात को बैंगन को गुदे में हल्दी मिलकर गरम करे और बांध ले|
  • चोट पर फिटकरी का गुनगुना पानी डाले और बाद में शहद और चुना लगाकर लेप दे|
  • ग्वारपाठ का गुदा तथा हल्दी मिलाकर चोट पर बांध ले | दर्द और सुजन में राहत मिलेगी|

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