पथरी का इलाज (किडनी स्टोन ट्रीटमेंट हिंदी में)

Gurde ki pathri (पथरी)ko english me kidney stone kehte hai.

Aaj hum pitte ki pathri ka desi ilaj in hindi pathri ka ilaj baba ramdev pathri ka ilaj in hindi janenge.

Pathri ka ilaj

पथरी का इलाज

पथरी का इलाज

  • यह एक साधारण प्रक्रिया है| इसमें शरीर के क्षारिक तत्व पेशाब के साथ बाहर आते है;
  • परन्तु जब ये शरीर से बाहर नहीं निकल पाते तो वाही रुक जाते है और धीरे-धीरे जमने लगते है|
  • और कुछ समय बाद पथरी का रूप धारण कर लेते है|
  • यह पथरी तीनो दोषों वात, पित्त, कफ के प्रकोप से होती है|
  • अधिकतर यह वात, पित्त, कफ तथा वीर्य में अवरोध उत्पन्न होने पर बनाने लगती है|
  • Urine Infection Urine me jalan gharelu upchar in hindi.

पथरी का कारण और पथरी के लक्षण:

अधिक मामलो में तो पथरी बनने के कारण क्षारीय तत्वों का शरीर से बाहर न निकल पाना ही होता है|
इसके लक्षण होते है-

  • मूत्राशय सूज जाता है |
  • पेडू के आस-पास दर्द होता है|
  • पेशाब काष्ट के साथ आता है|
  • मूत्र में बकरे के पेशाब जैसी दुर्गन्ध आती है|
  • मूत्र त्याग करते समय जोर की पीड़ा होती है|
  • मूत्राशय में दर्द के कारण रोगी तिलमिलाने लगता है|
  • मूत्र की धार फटी हुई रूप में आती आती है|
  • कभी कभी पेशाब के साथ रक्त भी आता है|
  • पेडू में अत्यंत जलन और भयंकर दर्द होता है|

पथरी का रंग लाल, काला, पिला, नीला अथवा सफ़ेद होता है|
यह कांटेदार, त्रिकोनी या चपटी आदि कई तरह की और चिकनी होती है|

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किडनी स्टोन में सावधानिया:

किडनी स्टोन  के  रोगी को पर्याप्त मात्र में पानी पीना चाहिए|
पकवान, अधिक गरम चीजे, तेज मिर्च-मासाले, मासं, मछली, अंडा आदि ना खाए|

एक विशेष सावधानी जरुर बरतनी चाहिए की वीर्य के आवेग को बीच में ना रोकना चाहिए,

यदि ऐसा है तो यह लिंग का मुत्रद्वार में सुखकर अवरोध पैदा करता है आर पथरी को जन्म देता है|

किडनी स्टोन का इलाज :

दोस्तों आजकल बाबा रामदेव जी के आयुर्वेदिक इलाज से भी आपको फायदे होते है.

घरेलु इलाज से पथरी को निकला जा सकता है| इसके लिए निचे दिए हुआ नुक्खे अपनाईये-

  • पथरी को पर्याप्त मात्रा में चौलाई का साग अपने भोजन में शामिल करे|
  • मुली के ३० ग्राम बीज आधा लीटर पानी में उबाले, आधा शेष रहने पर छानकर पिए|
    दो सप्ताह इस्तेमाल करने पर पथरी गलने लगती है|
  • दूब को जड़ सहित उखाड़कर उसकी पत्तिया अलग करे| मिश्री डाल कर इन्हें घोंट-पिस्कार शरबत बनाए|
    एक गिलास की मात्रा में दिन में दो बार कुछ दिन पिने से पेशाब खुलकर आता है|
  • बड़ा सा प्याज साफ़ करके उसे पीसकर उसका रस निकाले, कपडे में छानकर एक कप की मात्रा में सुबह-शाम खाली पेट सेवन करे|
  • पेठे के रस में हिंग तथा कालीमिर्च डालकर सुबह सेवन करे|
  • भोजन में खीरा , तरबूज, ककड़ी का सेवंन अधिक करे या सेंध नमक डालकर इनका  रस पिए|
  • दो तोला हल्दी तथा ३५० ग्राम गुड मिलाए| इसमे से आधा चम्मच रोज कांजी के साथ सेवन करे|
  • गाजर का रस नित्य सेवन करनेसे यह गुदारे के पठारी को तोड़कर निकाल देता है|
  • गन्ने का रस अधिक पेशाब लाता है, इससे पेडू की जलन और दाह शांत होती है|

 

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