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Pregnancy Tips in Hindi for Baby Boy Girl

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Pregnancy Tips in Hindi for Baby Boy Girl

Pregnancy Tips in Hindi

Pregnancy Tips in Hindi

गर्भावस्था में सावधानियाँ :
कहा जाता है की हर प्रसव के बाद माँ का पुनर्जन्म होता है| गर्भ के दौरान सभी लोग उचित आहार-विहार का ध्यान रखने के लिए कहते है, ताकि बच्चा स्वस्थ पैदा हो|

उचित आहार-विहार के साथ गर्भावस्था में उचित आचार-विचार का पालन भी जरुरी होता है| वैसे तो उचित आचार-विचार का होना सभी के लिए हितकर होता है, परन्तु गर्भवती महिलाओं के लिए और भी जरुरी हो जाता है, क्योंकी उसके साथ-साथ इसका प्रभाव उसके आने वाले बच्चे पर भी पड़ता है|

वह गर्भकाल में जैसा सोचती है, वैसा ही प्रभाव शिशु पर पड़ता है| जैसे हमारे विचार होते है, वैसे ही हमारा आचरण हो जाता है और जैसा हमारा आचरण होता है, वैसे ही विचार मजबुत होते जाते है|

मजबूत विचारो को बदलना मुश्किल होता है| इसलिए बुरे विचारो को मजबूत न होने दे| उन्हें समय रहते बदल दे तो अच्छा होगा|

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Pregnancy Tips in Hindi :

गर्भ ठहरने के बाद कुछ सावधानिया बरतना आवश्यक है-

  1. गर्भावस्था के दौरान भारी वजन उठाना, उची-नीची जमींन पर चलना या दोड़ना वर्जित करे |
  2. मकान की सीढीया बार-बार न चढ़े, न उतरे |
  3. गर्भ की बार-बार जाँच करवाती रहे | यह सुविधा सरकारी डिस्पेंसरी में उपलब्ध है, वहा जच्चा-बच्चा कार्ड बनवा लेना चाहिए |
  4. गर्भावस्था के दौरान आवश्यक टिके अवश्य लगवाए |
  5. जब तक डॉक्टर ना कहे, कैल्शियम तथा आयरन की गोलिया बंद न करे |
  6. भोजन पर्याप्त मात्रा में और समय पर करे, क्योंकि अब गर्भवती को दो शरीरो का पोषण करना है |
  7. बस या दुपहिया सवारी की लम्बी यात्रा न करे तो अच्छा रहेगा |
  8. इस दौरान पेट में कब्ज न बनने दे | संतुलित एव सुपाच्य भोजन करे |
  9. शरीर पर आरामदायक एव ढीले (सूती) कपडे ही पहने |
  10. गर्भावस्था के दौरान हकले-फुलके काम अवश्य करे, हरदम लेटी न रहे | नहीं तो प्रसव के समय परेशानी खडी हो सकती है |
  11. गर्भ के दौरान शरीर की आवश्यकता के अनुसार निम्न के प्रकार का आहार ले-
  12. कार्बोहायड्रेट से शरीर को उर्जा मिलती है |इसलिए खाने में फल, सब्जी और अनाज भरपूर मात्रा में शामिल करे | वसा से शरीर को वसिय अम्ल मिलते है |वसा से शरीर को विटामिन ‘ए’, ‘ड’, ‘ई’ और ‘के’ प्राप्त होते है | मक्खन, घी और खाना पकाने के तेल में वसा की मात्रा अधिक होती है |
  13. प्रोटीन हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं को बनाता और उनकी मरम्मत करता है | गर्भावस्था के समय माँ और शिशु के सही विकास और टूट-फुट के मरम्मत के लिए प्रोटीनयुक्त आहार को अधिक-से-अधिक मात्रा में शामिल करे |
  14. विटामिन ‘ए’ से शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढती है और यह माँ व गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण से भी बचाता है| हड्डी और दातो के विकास के लिए भी विटामिन ‘ए’ जरुरी है | हरी व पिली सब्जी तथा फल विटामिन ‘ए’ के अच्छे स्त्रोत है | दूध और तेल में भी विटामिन ‘ए’ भरपूर मात्रा में मिलता है |
  15. विटामिन ‘डी’ से हड्डियों को मजबूत बनाने वाले कैल्शियम और फ़ॉस्फोरस की पूर्ति होती है | इसके अलावा वनस्पति तेल, मक्खन और दूध से भी विटामिन ‘डी’ मिलता है | विटामिन ‘ई’ गर्भवती महिला के लिए बहुत जरुरी है | यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है | यह वनस्पति तेल, पत्तेदार हरी सब्जी, अनाज, नट्स और अंडे की जर्दी में होता है |

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