एनीमिया के कारण लक्षण
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एनीमिया खून की कमी के लक्षण उपाय

एनीमिया

एनीमिया के कारण लक्षण
एनीमिया के कारण लक्षण

खून की कमी के कारण :

  • एनीमिया से पीड़ित  होने का मुख्य कारण कुपोषन होता है|
  • हम जो भोजन करते है, उसका उर्जा की दृष्टी से पर्याप्त तथा संतुलित  होना जरुरी है|
  • जिसमे कार्बोज, प्रोटीन, चर्बी के साथ–साथ विटामिन्स एव खनिज होता है|
  • एनीमिया की दृष्टी से भोजन में लोह के तत्व की मांग दैनिक जरुरत से कम हो जाती है, तब उसमे लोहअल्पता से पैदा एनीमिया देखने को मिलता है|
  • इसी तरह जब भोजन में विटामिन बी-१२ तथा फोलेट की कमी होती है, तब भी खून की कमी को देखने को मिलता है|
  • शरीर को लोह तत्व की उपलब्धता दो स्त्रोतों से होती है|
  • एक स्त्रोत तो मासाहार है, दूसरा शाकाहार है यानि अनाज, तेल, फलिया, सूखे मेवे, गुड इत्यादी|
  • एनीमिया का कारण भोजन में फोलेट की कमी होती है|
  • इसकी कमी से बच्चा पैदा करने की क्षमता का ह्रास तक हो सकता है|यह स्त्री-पुरुष दोनों में हो सकती है|
  • खून की कमी होने का तीसरा कारन विटामिन बी-१२ की कमी होती है|
  • गौरतलब है की फौलिक एसिड के साथ इसकी जुगलबंदी रहती है|
  • शरीर में दो मिग्रा का भण्डारण जिगर में होता है और इतना ही अन्यत्र होता है|
  • यह शरीर की १ से 3 साल की जरुरत हेतु पर्याप्त होता है | इसलिए आमतौर पर इसकी कमी देखने को नहीं मिलती है|

खून की कमी के लक्षण :

  • ह्रदय में धड़कन, चक्कर आना, सिर  घूमना, सिर दर्द, चिडचिडापन, भूख न लगना, शरीर का पीलापन, बदन में सुजन, हाथ-पैरो में झनझनाहट या सुन्न होना, सिने में दर्द इत्यादी लक्षण हो सकते है|
  • इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के एनीमिया में रक्त में हिमोग्लोबिन की कमी इस रोग के लक्षण है|
  • मुख्य रूप से आयरन की कमी, एनीमिया होने का सबसे प्रमुख कारन है|
  • हिमोग्लोबिन के निर्माण के लिए लौह खनिज आवशयक है, जो की भोजन  से लगातार शरीर को मिलना चाहिए|
  • भोजन में पर्याप्त मात्रा में आयरन न होने या आँतो द्वारा आयरन के अवशोषण के व्यवधान के कारन एनीमिया होना एक आम बात है|
  • शरीर की आयरन की पूर्ति मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों से होती है|
  • यदि नियमित रूप से इनका सेवन करे तो एनीमिया से बचा जा सकता है|

एनीमिया का घरेलू इलाज:

  • खून की कमी के बचाव के लिए संतुलित व पौष्टिक भोजन लेने की जरुरत है|
  • दूध, दही, फल, हरी पत्ती वाली सब्जी, दाले, मक्खन, दलीया का सेवन करना उत्तम रहता है|
  • यदि मासाहारी है, तो मास, मछली, अंडे का सेवन किया जा सकता है|
  • इसके लिए सूखे मेवे, मूंगफली, पनीर एव अंकुरित दाल आदी अवश्य सेवन करे|

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