डेंगू के लक्षण घरेलु उपचार और बचने का तरीका

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(Last Updated On: March 9, 2017)

इस डेंगू बुखार के लक्षण कई सारे है और डेंगू के लक्षण को जानकर आप डेंगू से बचने का तरीका आजमा सकते हो.

डेंगू

डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षण

 डेंगू बुखार क्या है ?

दोस्तों डेंगू बुखार एक खतरनाक बिमारी है|पिछले कुछ वर्षो में डेंगू के मामलो में काफी तेजी से वृद्धि हुई है| बरसात के साथ डेंगू का प्रकोप भी बढ़ जाता है|

यह डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो की एडिस मछर काटने की वजह से होता है|

एडिस मछर हमारे घर के आसपास खड़े पानी में पनपनाते है|

इस बिमारी से सीर, आँख, कमर और हात पैरो में अधिक दर्द होता है| तीसरे दिन ज्वर कम होकर पांचवे दिन फिर बढकर सांतवे दिन तक उतर जाता है|

डेंगू के लक्षण:

शुरुवात में नाडी की गति ज्वर के साथ बढती है, परन्तु उत्तरोत्तर मंद होती है|

कभी-कभी १०२ अंश ज्वर में भी नाडी की गति स्वाभाविक ही रहती है|

इसके अतिरिक्त कमजोरी, नींद आना, तीव्र ज्वर, प्रलाप, जी मचलना, उलटी आना , भूक न लगना आदि ख़ास लक्षण होते है| डेंगू बुखार होने पर निम्न लक्षण नजर आते है-

  • सीर में बहुत तेज दर्द होता है| आँखों में दर्द होता है|
  • उलटी आना, नाकसीर फूटना|
  • नाक, गुदा , मसुडो से खून आना|
  • त्वचा विशेष छाती पर लाल-लाल दाने उभर आना|
  • मांसपेशिया तथा जोड़ो में दर्द|

डेंगू के घरेलू उपचार इन हिंदी:

इसका वायरस शरीर में घुसाने के बाद सीधे शरीर के प्रतिरोधी तंत्र पर हमला करता है|

रोगी को मुलायम बिस्तर पर लिटाकार आराम देना चाहिए| इसमे आराम ही औषधी है|

भूक ज्यादा लगती हो तो ज्वर की हालत में दूध, साबूदाना, चाय, मिश्री, बेदाना, अनार, ताजे फल, किशमिश आदि खाने को दे|

  • रोगी को गिलोय , अदरक, तुलसी, इलायची का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पिलाए|
  • निम्बू, अदरक की चाय दिन में दो बार पिलाए| इससे रोगी को बड़ा आराम मिलेगा|
  • सुवर्ण नार्दिप लक्ष्मीविलास रस  की एक गोली सुबह-शाम ले सकते है|
  • शारीरिक एव मानसिक कीसी भी प्रकार की मेहनत, स्नान ना करे|
  • इस रोग में अंग्रेजी दवाईया नहीं लेनी चाहिए| इससे रोग और बिघड सकता है|
  • रोगी को तिन दिन सुबह निम की ताजा कलियों का रस एक कप तथा कालीमिर्च का पाउडर एक दो बताशा घोलकर पिला दे | रोगी जल्दी ठीक हो जायेगा|
  • डेंगू बुखार में अक्सर प्लेटलेट्स कम हो जाते है| अत: बुखार की दवा के साथ गिलोय, तुलसी काढ़ा तथा पपीते के पत्तो का रस देने से रोगी जल्दी ठीक हो जायेगा| रोगी को अधिक मात्रा में पानी तथा तरल पदार्थ दे|
  • जब बुखार उतर जाए तो रोगी को शक्तिप्रद, बलवर्धक तथा पौष्टिक आहार दे|

 

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