गुलाब का फूल
फायदे और नुकसान

गुलाब का फूल की जानकारी घरेलु उपाय हिंदी में

गुलाब का फूल हिंदी में

गुलाब का फूल
गुलाब का फूल

गुलाब फूलों का राजा कहा जाता है , गुलाब अपनी सुंदरता व खुशबू के लिए ही नही प्रसिध्द है अनेक औषधीय गुणों से भी भरपूर प्रसिद्ध है | गुलाब को इंग्लिश में rose कहते है|

सारे भारत में गुलाब के पौधे पाए जाते है | गुलाब शीतलता प्रदान है | गुलाब का रस रक्तशुद्ध करने वाला होता है | गुलाब में विटामिन ‘ सी ‘ प्रचुर मात्रा में पाया जाता है | गुलाब के फूलों से गुलाब जल , गुलाब अर्क , गुलकंद , गुलाब इत्र आदि बनाए जाते है | गुलाब का शरबत मस्तिक को बल व शीतलता प्रदान करता है | गुलाब आँखों के लिए रामबाण औषधि है |

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गुलाब के आयुर्वेदिक नुख्से :

आँखों की जलन :

आँखों में गुलाब जल डालने से आँखों की जलन कम होती है |

कान का दर्द :

गुलाब के फूलो का ताजा रस की कुछ बूंदें कान में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है |

दाद :

गुलाब के अर्क में नींबू का रस मिलाकर लगाने से दाद मिट जाते है |

कब्ज :

हर रोज दूध के साथ गुलकंद खाने से कब्ज दूर हो जाता है |

दाह :

गुलाब में गोपीचंद मिलाकर लेप लगाने से दाह में लाभ होगा |

मुंहासे :

गुलाबजल , ग्लिसरीन और नींबू का रस मिलाकर हर रोज रात को लगाने से मुंहासे कम हो जाते है और चेहरा निखरने लगता है |

मुंह के छाले :

गुलाब को पानी में उबाले, अब इस पानी से कुल्ले करने से लाभ होता है |

गर्भाशय शूल :

गुलाब के फूलो को पीसकर योनि में रखने से गर्भाशय शूल में लाभ होता है |

प्यास :

गर्मियों में प्यास जादा लगती हो तो गुलकंद का शरबद दिन में दो बार पिए |

हड्डियों की मजबूती बढाने के लिए :

रोज २ चम्मच गुलकंद खाने से हड्डियों को बल मिलता है |

रक्तस्त्राव :

चोट लगे स्थान पर गुलाब के फूलो का सुखा चूर्ण बुरकने से रक्त बहना बंद होकर घाव शीघ्र ठीक होता है |

होटों का कालापन :

गुलाब की पत्तिया पीसकर उसमे ग्लिसरीन मिलाकर होटों पर लगाने उनकी गुलाबी चमक लौटे आती है |

श्वास रोग :

गुलाब के फूलो को बनफशा के शरबत के साथ चाटने से लाभ होगा |

नेत्र ज्योति :

काले सुरमे के साथ गुलाब का अर्क आँखों में डालने से नेत्र ज्योति बढती है व आँखों की जलन कम होती है |

ह्रदय की दुर्बलता :

गुलाब का चूर्ण में समभाग मिश्री मिलाकर मिश्रण की १ चम्मच की मात्रा गाय के दूध के साथ सेवन करने से लाभ होगा |

हाजमा :

हर रोज भोजब के बाद गुलकंद खाने से हाजमा ठीक रहता है |

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