कुंडली देखने का तरीका क्या है ?

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कुंडली देखने का तरीका क्या है ?

दोस्तों आज हम आपको कुंडली देखने के समय कुछ महत्वपूर्ण चीजों का ख्याल रखना चाहिए, इसके बारे में आपको जानकारी देने वाले हैं | जो आपको कुंडली देखने का तरीका समझा देगा | जन्मपत्रिका देखना कोई आम बात नहीं है, जन्मपत्रिका देखते समय थोड़ी सी भी भूल अगर हमसे हो गई, तो हमारे जीवन में मानसिक परेशानियां आ सकती हैं और गलत कुंडली देखने के कारण हमारे जीवन में गलत तालमेल सब कुछ नष्ट कर देता है |

कुंडली देखने का तरीका
कुंडली देखने का तरीका

आज हम जो महत्वपूर्ण चीजें आपको बताने वाले हैं, जब आप कुंडली देखने वाले हो तब आपको अधिक ध्यान देना चाहिए |

कुंडली की जानकारी :

वैसे देखा जाए तो जन्मपत्रिका में 12 भाग होते हैं, जिसमें जातक का जन्म किस समय हुआ है और उस जन्म के समय लगना मैं बैठे ग्रह लग्नेश की स्थिति दर्शाते हैं |  

कुंडली का प्रथम भाव :

कुंडली देखते समय लग्न प्रथम भाव से रंग रूप शरीर चंचलता धन की मात्रा, कुटुंब, वाणी, पारिवारिक स्थिति, राजदंड दर्शाता है | देखा जाए तो स्त्री के कुंडली में पति की आयु भी दिखाई देती है |

कुंडली का तृतीय भाव :

कुंडली देखते समय यह याद रखना चाहिए कि जन्मपत्रिका में तृतीय भाव से बड़े भाई बहन के बारे में दर्शाता है, किसी अनुसंधान स्त्री के कुंडली में पति की कामयाबी उसका भाग्य उसकी यश की रेखाएं दिखाई देती है |

कुंडली का चतुर्थ भाव :

जन्मपत्रिका में चतुर्थ भाव से जमीन, जनता, माता और संपत्ति दर्शाती है |

कुंडली का पंचम भाव :

जन्मपत्रिका में पंचम भाव में संतान योग, प्रेम, पति की आयु, सांस की मृत्यु, चाचा, बुआ, सास, शत्रु रोग करना, पुत्र, धन, मामा संपत्ति, पति का सैया सुख दर्शाता है |

कुंडली का सप्तम भाव :

आयु पत्रिका मे सप्तम भाव में  पत्नी विवाह, चरित्र, पति का रंग, रूप, यश,  चरित्र, दांपत्य जीवन दर्शाता है |

कुंडली का अष्टम भाव :

अष्टम भाव में गुप्त धन, गुप्त रोग, पति का धन, पारिवारिक धान सौभाग्य दर्शाता है |

कुंडली का नवम भाव :

जन्मकुंडली में नवम भाव में पुण्य संतान सन्यास, भाग्य, धर्म दर्शाता है |

कुंडली का दशम भाव :

दशम स्थिति में प्रशासनिक सेवा राज्य, पति की मातृभूमि, अचल संपत्ति दर्शाता है |

कुंडली का एकादश भाव :

एकादश भाव से चाचा, पुत्रवधू, जेठानी, चाची, सास, सास का धन दर्शाता है |

कुंडली का द्वादश भाव :

कुंडली के भाव में द्वादश भाव से गुप्त शत्रु, शयन सुख, कारोबार पति की हानि, मामा मामी के बारे में जानकारी होती है |

तो यह थे पत्रिका में देखे जाने वाले भाव के बारे में जानकारी | कभी भी जन्म कुंडली मिलान करते समय आपको मंगल दोष की अनदेखी कभी नहीं करनी चाहिए, जब सप्तमेश में शनि मंगल का संबंध बनता है |

तो उस दोष का उपाय आपको जरूर करना चाहिए | नहीं तो कन्या के कम उम्र में विधवा होने के चांसेस बढ़ जाते हैं | दोस्तों यह तो कुंडली देखने का तरीका अगर आपको किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट में लिखकर जरूर बताइए |

 

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