मौसमी फल मौसंबी के फायदे

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मौसमी के फायदे

मौसमी के गुण
मौसमी के गुण

रोगी के लिए मौसमी एक आदर्श फलाहार माना जाता है | इसमें विशेष गुण होते है | सभी अवस्थाओं में इसका सेवन लाभप्रद है |

यह भी संतरे की तरह किसी भी स्थिति में हानि न करने वाला स्वास्थ्यदायक फल है | मौसंबी एक पोष्टिक गुणों से भरपूर है |

बिमारी में इसका प्रयोग बेखटके किया जा सकता है |यह हरे या पीले रंग का फांक वाला मधुर रस से भरपूर स्वादिष्ट व् ताजगी देने वाला पुष्टिकारक फल है |

मौसमी के गुण :

मौसमी का रस पीने से जीवनीशक्ति बढती है , रोग- प्रतिकारोधक क्षमता का विकास होता है , दांत मजबूत होते है , कब्ज दूर होता है |मौसंबी का रस रक्त की अम्लता भी दूर करता है |

यदि कोई व्यक्ति मौसंबी का ठंडा रस न ले सके तो उसे रस का हल्का- सा गरम क्र लेना चाहिए | इसमें बार=बार सर्दी लगना और जुकाम होना खत्म हो जाता है |

इसमें धोड़ा-सा अदरक का रस मिलकर पीने से इसका गुणकारी प्रभाव बढ़ जाता है |
मौसंबी में विटामिन ‘सी ‘ पर्याप्त मात्रा में होता है |

इसमें स्वास्थ्यवर्द्धक खनिज भी भरपूर मात्रा में होता है |इसका सेवन से मूत्र खुलकर आता है और पेट भी साफ हो जाता है | इसका रस धातुवर्द्धक व रक्तशोधक होने के साथ-साथ चर्म में भी लाभकारी है |

मौसंबी में केल्शियम , फास्फोरस आदि तत्व काफी मात्रा में होते है |
मौसंबी का उपयोग प्राय: रस के रूप में किया जाता है | लेकिन कुछ लोग इसकी फांका पर मसाला लगाकर भी खाते है |

इसका रस बच्चो से लेकर बड़ो तक सभी के लिए उपयोग है |मूत्र अधिक आने , दस्त तथा सर्दी-जुखाम में मौसमी का सेवन नही करना चाहिए|

मौसमी के छिलके से सुगंधित तेल भी निकाला जाता है | यह त्वचा के लिए बहुत लाभदायक है |

मौसंबी के फायदे घरेलु उपाय :

गर्भावस्था में :

गर्भवती स्त्री को मौसमी का रस पीने से लाभ होता है | मोसमी के रस में कैल्शियम की मात्रा अधिक होने के कारण गर्भस्थ शिशु को पोष्टिक आहार मिलता है |

खाँसी-दमा :

मौसंबी का रस हल्का-सा गरम करके उसमे नमक , भुना जीरा अदरक का रस मिलाकर पीने से आराम मिलता है |

टायफाइड :

टायफाइड के रोगी को मौसमी का रस विशेष लाभ होता है |

बच्चो का सिरदर्द :

मौसमी का तेल बच्चो के ज्वर तथा सिरदर्द को दूर करता है | बच्चो के शरीर पर मालिश के लिए यह तेल उपयोगी है |

जुखाम :

मौसमी के एक गिलास रस में ५-६ बुँदे अदरक का रस मिलाकर व जरा-सा नमक मिलाकर पीने से जुखाम में लाभ होता है |

अनिद्रा :

मौसंबी का रस पीते रहने से अनिद्रा रोग दूर होता है |

थकान :

नियमित रूप से मौसंबी का रस पीने से शारीरिक थकान दूर होती है |

रक्तशोधक :

मौसंबी का रस रक्तशोधक है , जिससे ह्रदय को बल मिलता है |

ज्वर :

सभी प्रकार के ज्वरो में जब ठोस भोजन देना निषिध्द होता है , तब मौसमी के रस में नमक मिलाकर पिलाने से लाभ होता है |

कब्ज :

संतरा और मौसमी का रस मिलाकर पीने से कब्ज दूर होता है और शरीर से विषैले तत्व आसानी से बाहर निकल जाते है | इसका रेशा कब्ज को दूर करता है |

 

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