मुनक्का खाने के फायदे

मुनक्का खाने के फायदे

मुनक्का खाने के फायदे
मुनक्का खाने के फायदे

 मुनक्का खाने के फायदे में आज हम आपको मुनक्का खाने के फायदे और मुनक्का खाने से आपको घर पर क्या क्या इलाज कर सकते है आज हम आपको बताएँगे मुनक्का अंगूर का सुखा हुआ रूप है | बड़ा अंगूर सुखने पर मुनक्का तथा छोटा अंगूर सूखने पर किशमिश कहा जाता है | मुनक्का मीठा और गूदेदार होता है तथा आकार में भी किशमिश से बड़ा होता है |

मुनक्के का उपयोग कब्ज शरीर की खुजली और उष्णता ,प्यास रोगी की निर्बलता और अरुचि दूर करने में किया जाता है | मुनक्का  थकावट मिटाने वाला शीतल , मधुर ,भारी ,पित्त का शमन करने वाला और विरेचक होता है |

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मुनक्का का घरेलू उपयोग :

वृद्धों के लिए :

एक तोला मुनक्का तथा एक तोला और अखरोट  गिरी खाकर ऊपर से दूध पीने से बड़ों की शक्ति की वृद्धि होती है|

सिरदर्द :

तेज गर्मी या दिमागी थकान से होने वाले सिरदर्द में अंगूर का रस या 20 मनुक्का एक कप पानी में कुछ देर भिगोकर बाद में छानकर पीने से सिर दर्द ठीक हो जाता है|

जिगर की सूजन :

मुनक्का बादाम , छोटी इलाइची ,सौंफ को पानी में घोलकर व रस निकालकर उसमें मिश्री मिलाकर दिन में तीन बार पीने से जिगर की सूजन दूर हो जाती है 

रक्तवृद्धि :

60 ग्राम मुनक्का 12 घंटे भिगोकर खाने से रक्त बढ़ता है और पेट के रोग दूर हो जाते हैं |

प्यास :

बुखार के कारण लगने वाली प्यास को दूर करने के लिए मुनक्का पर सेंधा नमक लगाकर खाने से वह पानी में भिगोए हुई मुनक्का मसल छानकर पीने से प्यास का शमन होता है|

मूत्र में रुकावट :

एक कप पानी में 10-15 हो मुनक्का रात को भिगोकर सुबह मसल छानकर पीने से मूत्र खुलकर आता है|

आधासिस :

20-25 मुनक्का और दो चम्मच धनिया एक कप पानी में उबालकर ठंडा करके मसल छानकर पीने से आधासीसी का सिर दर्द ठीक हो जाता है|

मलावरोध :

20-25 मुनक्का  तवे पर जरा -सा घी डा कर सेंक ले और सेंधा नमक व काली मिर्च लगाकर रात को सोते समय खूब चबा चबाकर खाए | सुबह दस्त खुलकर साफ होगा व जी मचलना भी दूर होता है|

ज्वर :

8-10 मुनक्का  काली मिर्च व सेंधा नमक लगाकर खाने से मुंह का सूखना बंद होता है तथा बुखार से हुई अरुचि दूर होती है |

सिरदर्द :

अंगूर का रस या 20- 25 मुनक्का एक कप पानी में थोड़ी देर भिगोकर मसल छानकर पीने से आराम मिलता है |

पित्त-ज्वर

पित्त-ज्वर में अंगूर का रस पीने से शरीर की जलनसिर दर्द घबराहट आदि में लाभ होता है |

जलन :

पित्त के कारण होने वाली जलन और मूत्र की जलन दूर करने के लिए ५-६ मुनक्का ,1 चम्मच आंवला चूर्ण, 1 चम्मच पित्तपापडडा रात को एक गिलास पानी में भिगोकर सुबह मसल- छानकर दो चम्मच शक्कर डालकर पी ले |

अम्लपित्त :

सौंफ और मुनक्का 20 -20 ग्राम लेकर कूट ले  और रात को एक गिलास पानी में भिगो दें सुबह मसल -छानकर व एक चम्मच मिश्री डालकर पीने से एसिडिटी दूर होती है |

 

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