पान के पत्ते खाने के लाभ फायदे हिंदी में

पान के पत्ते खाने के लाभ

पान के पत्ते के लाभ
पान के पत्ते के लाभ

भारत में पान सर्वत्र उपलब्ध होता है | यह लता जाति की वन औषधी है | इसके पत्तो का आकर पीपल के पत्तो के समान होता है | पान का प्रयोग केवल मुख-सुगंधी के लिए ही नही , मांगलिक कार्यो और औषधि में भी किया जाता है |

पान रुचिकारक , गरम , कसैला , चरपरा , हल्का , बलदायक , रक्तपित्त कारक , कफ़ तथा मुख की दुर्गंधता , मल , वायु और श्रमनाशक है |

पान के पत्ते के घरेलू उपाय :

खाँसी :

पान के 2-3 पत्ते व् अदरक को 2 चम्मच पानी मिलाकर कूटे | इसे निचोड़कर अर्स निकाले | इस रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम चाटने से खाँसी मिट जाती है |

पुरानी खाँसी :

पाने के 2-4 पत्ते तेल से चुपड़कर गले पर बांधने से नई और पुरानी खाँसी में आराम होता है |

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गले का दर्द :

रात को सोते समय पान में 1 ग्राम मुलहटी का चूर्ण रखकर कुछ समय तक चबाए | धीरे-धीरे रस असर करेगा तथा सुबह तक आराम आ  जाएगा :

फोड़ा :

फोड़े पर व पान पर तेल लगाकर पान को गरम करके बांधने से फोड़ा ठीक हो जाता है |

पित्ती :

खाने वाले 3 पान और 1 चम्मच फिटकरी पानी के साथ पीसकर पित्ती निकली हुई जगह पर मालिश करने से पित्ती ठीक हो जाती है |

सुजन :

प्रसूता के स्तनों पर पान का सेंक व लेप लगाने से सुजन कम होती है |

सर्दी :

बच्चो को सर्दी होने पर पान के पत्ते पर तेल लगाकर गरम करके सीने पर बांधने से लाभ होता है |

दस्त :

बच्चो को पेट दर्द के साथ दस्त होने पर पान के डंठल पर तेल लगाकर गुदा द्वारा में प्रवेश करने से लाभ होता है |

पसली का दर्द :

बच्चो की साँस तेज चलने , छाती या पसली में दर्द होने पर पान पर सरसों का कुनकुना तेल लगाकर दर्द के स्थान पर रखकर पट्टी से बांधने से शीघ्र लाभ होता है|

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