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डिसिप्लिन का महत्व क्या है ? जानिए अनुशासन क्यों रखना चाहिए ?

डिसिप्लिन का महत्व

डिसिप्लिन याने अनुशासीत तरीके से जीवन जीना दोस्तों हमारे जीवन चक्र में अनुशासन का बड़ा ही महत्वपूर्ण योगदान रहता है। जिसके जरिए हम हमारे रोजमर्रा के काम करते हैं जैसे कि अगर आप एक छात्र है। या किसी दफ्तर में काम करते हैं तो वहां के अनुशासन पद्धति के अनुसार आप आपका रोजाना जीवन बिताते हैं। जैसे कि सुबह से शाम तक स्कूल में जाना और वहां पढ़ाई करना या सुबह से शाम तक या शाम से सुबह तक काम करना यह भिन्न-भिन्न जगहों पर भिन्न-भिन्न प्रकार की अनुशासन व्यवस्था होती है। जिनके कारण वह लोग अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।

बिना किसी डिसिप्लिन के कोई भी इंसान अपने लाइफ में सक्सेस नहीं होता है। क्योंकि दिया गया काम वक्त में ही पूरा हो तो उसे ही महत्व रहता है आपने देखा ही होगा आर्मी नेवी और एयरफोर्स तीनों डिफेंस फोर्सेस हमेशा डिसिप्लिन में रहते हैं इसी वजह से वह अपना कोई भी मिशन आसानी से पूरा कर पाते हैं अगर आपको भी आपके जीवन का लक्ष्य पाना है तो डिसीप्लिन बहुत ही महत्वपूर्ण है |

हमें डिसिप्लिन क्यों रहना चाहिए ?

डिसिप्लिन क्यों रहना
डिसिप्लिन क्यों रहना

दोस्तों डिसिप्लिन में रहने से जीवन जीने में बहुत आसानी होती है, क्योंकि हर एक काम उसके दिए गए समय में पूरा हो जाता है और हमें बाद में उस काम के सिलसिले में किसी भी प्रकार का टेंशन नहीं होता है।

अगर रोजाना आप अपना टाइम डिसिप्लिन में बताओगे तो आपको किसी भी चीज की कमतरता नहीं होगी बल्कि आपको आपका टाइम ज्यादा मिलने लगेगा उसी से आप एक्स्ट्रा काम भी कर सकते हो।

डिसिप्लिन में रहने से हमारी पर्सनालिटी में सुधार आता है। हम समय को महत्व देने लग जाते हैं जो कि एक अच्छी जीवनशैली बिताने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होता है, इसीलिए हमें डिसिप्लिन में रहना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

अनुशासन से हमारे जीवन में क्या बदलाव आते हैं ?

अनुशासन
अनुशासन

दोस्तों अनुशासन से हमारे जीवन में सबसे पहले तो हमें समय के बारे में जागरूक रहना सिखाता है।

समय को किस तरह महत्व देना चाहिए यह हमें अनुशासन सिखाता है। अनुशासन में रहने से हमारे रोजमर्रा के काम समय पर ही पूरे हो जाते हैं और उसके बाद उस काम को लेकर किसी भी प्रकार की टेंशन हमें नहीं होती है।

अनुशासन से हमारे कैरेक्टर में बदलाव आता है हमारी पर्सनैलिटी में सुधार होता है जिसके कारण हम हमारा जीवन अच्छी तरह व्यतीत करना शुरू कर देते हैं।

अनुशासन के वजह से हम सारे काम टाइम में ही पूरे कर देते हैं उसकी वजह से हम अपना लक्ष्य जल्द से जल्द प्राप्त कर सकते हैं।

जीवन में अनुशासन होना याने लक्ष्य प्राप्ति होती है ऐसा क्यों ?

जीवन में अनुशासन होना
जीवन में अनुशासन होना

दोस्तों अगर हमारे जीवन में हमारा सबका अपना एक अलग अलग लक्ष्य होता है। अगर उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम हमारे जीवन में अनुशासन पद्धति अपनाते हैं, तो हम हमारा लक्ष्य बहुत ही कम समय में प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि एक लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हमें हजारों तरीके के छोटे- मोटे कामों को समय में ही पूरा करना पड़ता है। जिसका सीधा सीधा संबंध हमारे लक्ष्य से जुड़ा हुआ होता है। इसीलिए आज तक जो व्यक्ति भी दुनिया में सक्सेसफुल है वह हमें अनुशासन बंधता में रहना और अपना जीवन व्यतीत करना इसका सुझाव देता रहता है।

सफलता प्राप्ति के लिए हमें डिसिप्लिन किस तरीके से रखना चाहिए ?

सफलता प्राप्ति के लिए डिसिप्लिन
सफलता प्राप्ति के लिए डिसिप्लिन

दोस्तों अगर आपका जीवन में कोई बड़ा लक्ष्य है, और आप उसे जल्द से जल्द पाना चाहते हो तो आपको उस लक्ष्य के अनुसार आपका जीवन शैली का एक टाइम टेबल बना लेना है। जैसे की शुरुआत आपको आपके सोने से करनी चाहिए कि रोजाना जल्द से जल्द सोए और जल्द से जल्द उठे जल्दी उठने के बहुत सारे फायदे होते हैं। जो कि हमारे सेहत के लिए भी अच्छे होते हैं। और हमारे वैयक्तिक कामों के लिए भी अच्छे होते हैं अगर हमें किसी काम के लिए दिन में एक घंटा लगता हो तो वह काम हम सुबह जल्दी उठकर सिर्फ 15 मिनट में ही खत्म कर सकते हैं, क्योंकि सुबह-सुबह हमारा दिमाग तेज गति से काम करता है। उसकी वजह से हम हमारा कोई भी काम आसानी से जल्दी ही पूरा कर लेते हैं।

आपने सुबह से लेकर रात के सोने तक का टाइम टेबल बना लेना है, जैसे कि सुबह जल्दी उठकर आपने जिम योगा या मेडिटेशन करके पढ़ाई करनी है। बाद में चाय नाश्ता जो भी है वह करके आप अगर काम करते हो तो काम के लिए निकले या आप अगर छात्र हो तो आप स्कूल कॉलेज के लिए जा सकते हैं स्कूल कॉलेज से आने के बाद आपने थोड़ा बहुत आराम करके फिर से अपने लक्ष्य के कामों के लिए समय देना हे।

लक्ष्य प्राप्ति के लिए काम करते वक्त कभी भी आलस्य मत कीजिए क्योंकि आप अगर 5 मिनट का भी आलस करते हैं वह तो वह 5 मिनट आपको 5 साल के बराबर महंगे पड़ सकते हैं। इसीलिए डिसिप्लिन का एक टाइम टेबल बना लीजिए और अपना जिंदगी का एक हिस्सा उसे बनाई है ताकि आपको रोजाना अनुशासन में रहने से ज्यादा दिक्कत ना हो।

सेल्फ डिसिप्लिन लाने के लिए क्या करें ?

सेल्फ डिसिप्लिन लाने के लिए
सेल्फ डिसिप्लिन लाने के लिए

दोस्तों अगर आपको आपके जिंदगी में self discipline लाना है। तो शुरुआत खुद से करें अगर आप खुद कर नहीं पाते हो तो बहुत सी ऐसी क्लासेस और कोर से से जो इंसान को self discipline के बारे में जानकारी देते हैं।

सेल्फ डिसिप्लिन लाने से आपकी पर्सनालिटी और भी निखर जाती है।

सेल्फ डिसीप्लिन लाने के लिए आप किसी स्पोर्ट्स क्लासेज को ज्वाइन कर सकते हैं। या पर्सनैलिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम भी ज्वाइन कर सकते हैं। या जिम में किसी ट्रेनर की मदद ले सकते यह सब आपको सेल्फ डिसिप्लिन लाने में बहुत ही मदद करते हैं। और वह ऐसा वातावरण पैदा करते हैं। कि आपको ही सेल्फ डिसिप्लिन में रहना पसंद आने लगता है।

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