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पेट में अल्सर का घरेलु इलाज कारण और लक्षण

पेट में अल्सर

पेट में अल्सर घरेलू उपचार

पेट में अल्सर घरेलू उपचार

दोस्तों आज हम पेट में अल्सर के लक्षण,पेट में अल्सर के लिए घरेलू उपचार,अल्सर का आयुर्वेदिक उपचार,अल्सर की दवा,

हमरा पेट बीमारियो का घर है | पेट के अंदर मे से कई प्रकार के रस और द्रव्य निकलते है ,जो हमारे भोजन मे मदत  करते है |

जब हम मानसिक तणाव मे या चिंताग्रस्त होते है तो देजाबी मादा ज्यादा मात्रा मे निकलता है ,जो हमारे पेट और आँतो के बीच वाली कोमल झिल्ली को जला देता है |

धीरे-धीरे अंदर वाली झिल्ली मे घाव हो जाते है |

जब घाव पेट मे हो तो उसे ‘गैस्ट्रीक अल्सर ‘ कहा जाता है |

ये घाव आमतौर पर भोजन नली के हिस्से ,पेट की शुरुवात मे होते है या पेट के मैदे में आँत में होते है .

इसको  ‘ गैस्ट्रीक अल्सर ‘ भी कहा जाता है |

अल्सर के कारण

पेट में अल्सर के लक्षण : इसके एक नही कारण है |

  • कुछ खास तरह की अंग्रेस दवाईया एस्प्रिन या तेज दर्द निवारक खाने से अंदर वाली झिल्ली की सहनशक्ती खत्म हो जाती है |
  • जो लोग किसी कारणवश खून की कमी (अनिमिया ) का शिकार हो जाते है ,उन्हें तेजाबी मादा ज्यादा हो जाता है | यही तत्व अल्सर पैदा करते है |
  • आँत में पेट की सुजन से अंदर की झिल्ली नष्ट हो जाती है |
  • ज्यादा शराब ,सिगरेट पिने ,तथा मसालेदार भोजन एव असमय खाना खाने से यह बिमारी ज्यादा बढती है ,पेट में जल्दी घाव बढते  है
  • कई बार दर्द अल्सर के स्थान से शुरू होकर पीछे गरदन की तरफ जाता है |
    तेज दर्द से मरीज का दिल घबरता है और उबकाई हो जाती है |
  • आँत की सूजन में पेट फूला-फूला रहता है ,हाथ से पेट दाबाने से हलका दर्द होता है |
  • कभी दर्द खाना खाने के आधे घंटे बाद होता है |
    दर्द सदा नाभि के इर्द-गिर्द ही रहता है |
    धीरे धीरे स्वतः कम हो जाता है |

पेट में अल्सर के उपाय:

एव सावधानी : निम्म पेट में अल्सर का इलाज काम में लाएँ-

  • सबसे पहिले बात तो यह कि रोग का इलाज नही है ,इसे सफलता पूर्वक ठीक किया सकता है |
  • अपनी दिनचर्या तथा खान-पान में बदलाव करना जरुरी है |
    समय पर सोए तथा सुबह सुर्योदोय से पहले जागे |
  • पानी अधिकाधिक मात्रा में पिया करे ,फलो का रस ,मट्टा आदी का सेवन लाभदायी होता है |
  • अल्सर में यदि रक्तस्राव हो रहा हो तो पहले रक्त का आना बंद करे ,यानी डॉक्टर को दिखाए |
  • तेज मसालेदार ,चटक नमक-मिर्च तथा तले खाद्य पदार्थो को सेवन  बंद  करे |
  • भोजन में कच्ची साब्जीया- लौकी ,टमाटर ,मुली ,गाजर तथा फलो में अमरुद ,पपीता ,अंजीर का सेवन फायदा करता है |
  • शराब तथा धुम्रपान बिलकुल छोड दे|
  • डॉक्टर की सलाह की बिना कोई भी गोली टेबलेट कैप्सूल न खाए |

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