कैसे करे

Kaise Kare in Hindi

Pregnancy Tips in Hindi for Baby Boy Girl

(Last Updated On: March 22, 2017)

Pregnancy Tips in Hindi bacha paida karne ke liye ladka paida karne ke liye ladki paida karne ke liye

Pregnancy Tips in Hindi for Baby Boy Girl

Pregnancy Tips in Hindi

Pregnancy Tips in Hindi

गर्भावस्था में सावधानियाँ :
कहा जाता है की हर प्रसव के बाद माँ का पुनर्जन्म होता है| गर्भ के दौरान सभी लोग उचित आहार-विहार का ध्यान रखने के लिए कहते है, ताकि बच्चा स्वस्थ पैदा हो|

loading...

उचित आहार-विहार के साथ गर्भावस्था में उचित आचार-विचार का पालन भी जरुरी होता है| वैसे तो उचित आचार-विचार का होना सभी के लिए हितकर होता है, परन्तु गर्भवती महिलाओं के लिए और भी जरुरी हो जाता है, क्योंकी उसके साथ-साथ इसका प्रभाव उसके आने वाले बच्चे पर भी पड़ता है|

वह गर्भकाल में जैसा सोचती है, वैसा ही प्रभाव शिशु पर पड़ता है| जैसे हमारे विचार होते है, वैसे ही हमारा आचरण हो जाता है और जैसा हमारा आचरण होता है, वैसे ही विचार मजबुत होते जाते है|

मजबूत विचारो को बदलना मुश्किल होता है| इसलिए बुरे विचारो को मजबूत न होने दे| उन्हें समय रहते बदल दे तो अच्छा होगा|

Bacha kaise paida kare hindi

Pregnancy in hindi month by month

प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए क्या नही डाइट प्लान हिंदी में

Pregnancy Tips in Hindi :

गर्भ ठहरने के बाद कुछ सावधानिया बरतना आवश्यक है-

  1. गर्भावस्था के दौरान भारी वजन उठाना, उची-नीची जमींन पर चलना या दोड़ना वर्जित करे |
  2. मकान की सीढीया बार-बार न चढ़े, न उतरे |
  3. गर्भ की बार-बार जाँच करवाती रहे | यह सुविधा सरकारी डिस्पेंसरी में उपलब्ध है, वहा जच्चा-बच्चा कार्ड बनवा लेना चाहिए |
  4. गर्भावस्था के दौरान आवश्यक टिके अवश्य लगवाए |
  5. जब तक डॉक्टर ना कहे, कैल्शियम तथा आयरन की गोलिया बंद न करे |
  6. भोजन पर्याप्त मात्रा में और समय पर करे, क्योंकि अब गर्भवती को दो शरीरो का पोषण करना है |
  7. बस या दुपहिया सवारी की लम्बी यात्रा न करे तो अच्छा रहेगा |
  8. इस दौरान पेट में कब्ज न बनने दे | संतुलित एव सुपाच्य भोजन करे |
  9. शरीर पर आरामदायक एव ढीले (सूती) कपडे ही पहने |
  10. गर्भावस्था के दौरान हकले-फुलके काम अवश्य करे, हरदम लेटी न रहे | नहीं तो प्रसव के समय परेशानी खडी हो सकती है |
  11. गर्भ के दौरान शरीर की आवश्यकता के अनुसार निम्न के प्रकार का आहार ले-
  12. कार्बोहायड्रेट से शरीर को उर्जा मिलती है |इसलिए खाने में फल, सब्जी और अनाज भरपूर मात्रा में शामिल करे | वसा से शरीर को वसिय अम्ल मिलते है |वसा से शरीर को विटामिन ‘ए’, ‘ड’, ‘ई’ और ‘के’ प्राप्त होते है | मक्खन, घी और खाना पकाने के तेल में वसा की मात्रा अधिक होती है |
  13. प्रोटीन हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं को बनाता और उनकी मरम्मत करता है | गर्भावस्था के समय माँ और शिशु के सही विकास और टूट-फुट के मरम्मत के लिए प्रोटीनयुक्त आहार को अधिक-से-अधिक मात्रा में शामिल करे |
  14. विटामिन ‘ए’ से शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढती है और यह माँ व गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण से भी बचाता है| हड्डी और दातो के विकास के लिए भी विटामिन ‘ए’ जरुरी है | हरी व पिली सब्जी तथा फल विटामिन ‘ए’ के अच्छे स्त्रोत है | दूध और तेल में भी विटामिन ‘ए’ भरपूर मात्रा में मिलता है |
  15. विटामिन ‘डी’ से हड्डियों को मजबूत बनाने वाले कैल्शियम और फ़ॉस्फोरस की पूर्ति होती है | इसके अलावा वनस्पति तेल, मक्खन और दूध से भी विटामिन ‘डी’ मिलता है | विटामिन ‘ई’ गर्भवती महिला के लिए बहुत जरुरी है | यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है | यह वनस्पति तेल, पत्तेदार हरी सब्जी, अनाज, नट्स और अंडे की जर्दी में होता है |

Normal delivery kaise hoti hai हिंदी में जानकारी.

loading...

The Author

कैसे करे

कैसे करे

दोस्तों हम सभी जानकारी केवल आपके लिए ही दे रहे है , आप हमें सहायता करेंगे और आपका साथ हमेशा देंगे इसकी उम्मीद करते है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कैसे करे © 2018