पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग को कम करने के उपाय

कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हैवी पीरियड्स की समस्या होती है और इससे बहुत तकलीफ होती है। अगर ऐसा कभी कभी होता हो तो यह सामान्य बात है लेकिन अगर आपको हमेशा बहुत ज्यादा व्यस्त होती हो, तो आपके लिए यह चिंता की बात है।

पीरियड्स में हैवी पीरियड्स होना मतलब क्या होता है ?

पीरियड्स में हैवी पीरियड्स
पीरियड्स में हैवी पीरियड्स
  • आमतौर पर देखा जाए तो मासिक धर्म के ४ से ५ दिनों में लगभग ३० से ४० मिलीमीटर तक ब्लीडिंग होता है | लेकिन कई बार ३०-४० मिलीमीटर से अगर अधिक ब्लीडिंग होती है तो यह बात थोड़ी मुश्किले पैदा कर सकती है |
  • पीरियड्स में जिन महिलाओं की बिल्डिंग ७० से ८० मिलीमीटर या उससे अधिक होती है उस अवस्था को मेनोरजिया कहते हैं |
  • बहुत सारी जवान लड़कियों को और महिलाओं को हमेशा सवाल होता है कि मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्त्राव क्यों होता है, महिलाओं को और लड़कियों को हम बताना चाहते हैं कि यह पूरी साइकिल प्राकृतिक होती है |
  • कई बार मासिक धर्म के दौरान ब्लीडिंग ७ दिनों से भी अधिक हो सकती है, इसलिए मासिक धर्म के ब्लीडिंग के बारे में अब हम पूरी जानकारी जानेंगे |

पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग के कारण:

पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग के कारण
पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग के कारण
  1. कई बार हारमोंस में ज्यादा बदलाव के कारण भी हैवी ब्लीडिंग की समस्या होती है।
  2. गर्भाशय में फाइबर ट्यूमर होने से भी पीरियड्स के दौरान ज्यादा रक्तस्त्राव हो सकता है।
  3. गर्भ निरोधक गोलियां खाने के कारण भी भारी ब्लीडिंग होती है।
  4. अगर आप खून पतला करने वाली दवाई लेती है तो इसके कारण भी आपको हैवी ब्लीडिंग हो सकती है।

नॉरमल ब्लीडिंग और हैवी पीरियड्स में क्या अंतर है ?

नॉरमल ब्लीडिंग और हैवी पीरियड्स
नॉरमल ब्लीडिंग और हैवी पीरियड्स
  • सामान्यतः पीरियड्स ४ से ५ दिनों के अंतर तक चलते हैं, इन ४-५ दिनों में महिलाओं के गुप्तांग से ३० से ४० मिलीमीटर तक रक्तस्त्राव होता है | मायो क्लिनिक ने इस बात की पुष्टि की है की मासिक धर्म में हैवी फ्लो किसे कहते है |
  • लेकिन कई बार पीरियड्स का वक्त ७ दिनों तक चला जाता है और महिला के गुप्तांग से ८० मिलीमीटर से अधिक रक्तस्त्राव हो जाता है तो यह हैवी पीरियड्स कहा जाता है |
  • मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव अधिक होने से महिलाओं के शरीर में खून की कमी आ जाती है, जिसे एनीमिया भी कहा जाता है |
  • मासिक धर्म के दौरान अगर नॉर्मल बिल्डिंग होती है तो महिला के शरीर पर इसका कोई गलत परिणाम नहीं होता है | लेकिन मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्त्राव होने से इससे महिला के शरीर पर अचानक से गलत प्रभाव होने की संभावना होती है | इसलिए मासिक धर्म के दौरान नॉरमल बिल्डिंग और हैवी ब्लीडिंग के बारे में सारी जानकारी मालूम होनी चाहिए |

हैवी पीरियड्स के कारण विकनेस क्यों आता है ?

हैवी पीरियड्स के कारण विकनेस
हैवी पीरियड्स के कारण विकनेस
  • पीरियड्स के दौरान जब हैवी पीरियड्स होती है तब महिलाओं के शरीर से काफी खून बाहर निकल जाता है, जिसके कारण महिलाओं के शरीर में खून की कमी आ जाती है और महिलाओं को काफी कमजोरी महसूस होने लगता है |
  • महिला या लड़की के शरीर में जब खून की मात्रा काफी कम हो जाती है तब इस स्थिति को एनीमिया कहा जाता है |
  • मासिक धर्म में अधिक खून आने पर इस अवस्था को मैनरेजिया कहा जाता है |
  • पीरियड्स के वक्त महिलाओं को जब काफी कमजोर महसूस होता है, तब महिलाओं ने अपने शरीर के कमजोरी को पहचानकर कुछ ना कुछ जरूर खाना चाहिए |
  • मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के शरीर में ग्लूकोज नहीं होता है, प्रोटीन नहीं होता है, ऐसे वक्त कमजोरी तो महसूस होती ही है | लेकिन इसका गलत प्रभाव मासिक धर्म पर होता है और काफी दर्द होने लगता है |

हेवी पीरियड्स का प्रेग्नेंट होने पर क्या प्रभाव पड़ता हैं ?

हेवी पीरियड्स और प्रेग्नेंट
हेवी पीरियड्स और प्रेग्नेंट
  • मासिक धर्म के दौरान अगर काफी ज्यादा रक्तस्त्राव होता है तो इससे महिलाओं ने समझ जाना है कि उनके शरीर के प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन काफी असंतुलित हो चुके हैं |
  • शरीर में जब हार्मोनल परिवर्तन होना शुरू होता है, तब हेवी पीरियड्स की समस्या आती है | महिलाओं को सवाल होता है कि हेवी पीरियड्स के कारण हमें बच्चा पैदा करने में कुछ समस्या हो सकती है क्या |
  • महिलाओं को हम बताना चाहते हैं कि मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव होना बिल्कुल असामान्य है, इसलिए सबसे पहले महिलाओं ने इस समस्या को जल्द से जल्द दूर करना चाहिए नहीं तो प्रेगनेंसी में समस्या आ सकती है |
  • प्रेगनेंसी में महिला का शरीर काफी संतुलित होना जरूरी होता है, काफी महिलाएं ऐसी होती है जो प्रेगनेंसी के लंबे समय को और पीरियड्स के अधिक रक्तस्त्राव को हमेशा नजरअंदाज करती है | महिलाओं को हम बताना चाहते हैं कि अपने शरीर को लेकर कभी भी नजरअंदाजी ना दिखाए नहीं तो प्रेगनेंसी में इसका गलत असर जरूर दिख सकता है |

ज्यादा खून निकलने से क्या नुकसान होता है ?

ज्यादा खून निकलने से क्या नुकसान
ज्यादा खून निकलने से क्या नुकसान
  • मासिक धर्म के दौरान ज्यादा खून निकलने से महिलाओं के शरीर को ऐसा लगता है कि उन्होंने कुछ वक्त पहले ढेर सारा काम किया है मतलब उन्हें काफी कमजोरी महसूस होती है |
  • ऐसे वक्त महिलाओं के शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट, कैल्शियम यह सारे पोषक तत्व काफी कम हो चुके होते हैं | इसलिए महिलाओं ने इस समय अपने भोजन में ताजा फल, सब्जियां, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट, खनिज, इन सारे पोषक तत्व को खाना चाहिए |
  • पीरियड्स के वक़्त योनि से काफी ज्यादा मात्रा में खून आने के कारण महिलाए काफी चिंतातुर हो जाती है, इससे शरीर पर गलत परिणाम होता है और महिला ठीक तरह से अपने काम में एकाग्रता नहीं कर सकती है |
  • इस तरह से ज्यादा खून निकलने के कुछ सामान्य नुकसान है, इन सारे कारणों को ठीक तरह से जानकर आप इस समस्या पर विजय प्राप्त कर सकते हो |

मासिक धर्म अधिक आने पर क्या करें ?

मासिक धर्म अधिक आने पर
मासिक धर्म अधिक आने पर
  • अगर आपके योनि से रक्तस्त्राव काफी ज्यादा हो रहा है और आपको हर घंटे पैड बदलने की आवश्यकता हो रही है तो सबसे पहले लड़कियों को और महिलाओं को हम बताना चाहेंगे कि ऐसे वक्त डॉक्टर की सलाह लेना सही होता है |
  • मासिक धर्म को नियंत्रित करने के लिए महिलाएं गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन कर सकती है, लेकिन गर्भनिरोधक और दवाइयों का सेवन इतना भी ना करें जिससे आपके शरीर की पीरियड साइकिल प्रभावित होगी |
  • महिलाओं के शरीर से जब काफी मासिक धर्म होने लगता है तब महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, जिससे महिलाओं ने आयरन युक्त चीजों का ज्यादा सेवन करना चाहिए |
  • मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव का निदान करने के लिए एनीमिया, थायराइड, सर्विकल इन्फेक्शन, इन सारी बीमारियों की जांच करें |
  • रक्तस्त्राव अधिक बढ़ गया है तो आप प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का सेवन कर सकती हो |

पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग को कम करने के घरेलू उपाय :

पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग
पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग
  • आधा गिलास गर्म पानी में मुठ्ठी भर सौफ भिगा दीजिए। इस पानी को सौफ सहित खाली पेट पी लीजिए।
  • करेले की सब्जी खाना शुरू कर दीजिए इससे भी आपको फायदा होगा।
  • गर्मियों के मौसम में तरबूज खाना पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग को कम करने में मदद करता है।
  • दिन में एक बार एलोवेरा का जूस पिए।
  • मासिक धर्म के दौरान संतरे का जूस पिए।
  • पीरियड के दौरान थोड़ी इमली खा सकते हैं।
  • एक गिलास पानी में थोड़ा सा दालचीनी का टुकड़ा डालकर गर्म कर लें फिर इसे पी लें।
  • अदरक को पानी में उबाल कर काढ़ा बनाइए और इसमें थोड़ा सा शहद मिला लीजिए खाने के बाद इसे दिन में तीन बार पिए। जीस से रक्तस्त्राव कम हो जाता है।
  • पीरियड्स की प्रॉब्लम से छुटकारा पाने के लिए महिला ने अलसी के बीज या फिश ऑयल का सेवन कर सकती है, जिससे योनि से रक्तस्राव होना काफी मात्रा में कम हो जाता है |
  • अगर योनि से काफी ज्यादा मात्रा में खून निकल रहा है तो ऐसे वक्त महिलाओं ने पपीते को खाना चाहिए | पपीता खाने से रक्तस्त्राव काफी कम हो जाता है, लेकिन अगर आप प्रेग्नेंट हो तो पपीते का सेवन ज्यादा ना करें यह आपके सेहत के लिए उचित नहीं रहेगा |
  • कच्चे पपीते के दो पीस खाइए इससे पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग कम हो जाएगी।
  • अगर आपको बड़ी बिल्डिंग हो रही है तो करेले की सब्जी खाना शुरू कर दीजिए इससे भी आपको फायदा होगा।
  • आंवले का जूस पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग को रोकता है। आंवले के जूस को दिन में दो बार पिए। आंवले का जूस पीने के बाद थोड़ा सा नमक चकले इससे आपका गला खराब नहीं होगा।

Irregular periods अनियमित मासिक धर्म का इलाज

हैवी पीरियड्स रोकने की पतंजलि दवा :

हैवी पीरियड्स रोकने की पतंजलि दवा
हैवी पीरियड्स रोकने की पतंजलि दवा

देखा जाए तो पतंजलि की बहुत सारी दवाइयां ऐसी है जो हैवी पीरियड्स को रोकने में मदद करती है, लेकिन महिलाओं को हम बताना चाहते हैं कि मासिक धर्म के दौरान किसी भी दवाई का सेवन करने से पहले यह जांच कर ले की यह दवाई आपके शरीर के लिए सही रहेगी या नहीं |

पतंजलि रजः प्रवर्तनी वटी :

पतंजलि रजः प्रवर्तनी वटी
पतंजलि रजः प्रवर्तनी वटी

हैवी पीरियड्स को रोकने के लिए आपको पतंजलि टेबलेट यानिकी पतंजलि रजः प्रवर्तनी वटी का सेवन करने से आपके पीरियड्स नार्मल हो सकते है |

loading...

पतंजलि आंवले का जूस :

पतंजलि आंवले का जूस
पतंजलि आंवले का जूस

हैवी पीरियड्स होने पर महिलाओं ने पतंजलि आंवले का जूस पीना चाहिए, आंवले का जूस पीने से शरीर की गतिविधियां असंतुलित होने में मदद होती है जिससे ब्लडिंग होना कुछ मात्रा में रुक सकता है |

पीरियड्स जल्दी लाने का उपाय

हेवी पीरियड्स के बचाव के लिए योग
हेवी पीरियड्स के बचाव के लिए योग
  • पीरियड्स में ब्लीडिंग रोकने के लिए महिलाओं ने रोजाना एक्सरसाइज करना चाहिए, एक्सरसाइज करने से शरीर की जो भी कमजोरीया है वह ठीक हो सकती है |
  • खून रोकने के लिए जब आप योग या व्यायाम करती हो तब हमेशा ध्यान रखें कि इसका आपके शरीर पर कोई गलत परिणाम नहीं होना चाहिए |
  • मासिक धर्म से बचाव के लिए महिलाओं ने भुजंगासन, गोमुखासन, उष्ट्रासन, त्रिकोणासन, पश्चिमोत्तानासन, यह सारे आसन करना चाहिए जिससे पेट की और ऊपर के शरीर की गतिविधियां संतुलित होगी |
  • शरीर का तापमान जब काफी कम हो जाता है तब इससे शरीर की रक्त वाहिनियां संकुचित हो जाती है, ऐसे वक्त दौड़ना, खेल खेलना यह सारे व्यायाम करें |
पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग को कम करने के उपाय
5 (100%) 1 vote
Download WordPress Themes Free
Premium WordPress Themes Download
Download Best WordPress Themes Free Download
Download WordPress Themes
udemy paid course free download
download lava firmware
Free Download WordPress Themes
lynda course free download
loading...
loading...