पीरियड्स में गलती से भी यह गलतियां ना करें (5 पीरियड टिप्स)

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आप सभी का स्वागत है, आज हम आपको बताने वाले है की पीरियड क्या है और महिलाओं ने पीरियड्स में क्या नहीं करना चाहिए? जिससे उनको आने वाले समय में बहुत परेशानियां हो सकती है इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं | यह जानकारी खास करके उन लड़कियों के लिए है, जिनके पीरियड्स आने वाले हैं और उनकी माहवारी चल रही है |

पीरियड्स के समय रखने वाली सावधानिया :

अपनी सेनेटरी पैड की तरफ ध्यान रखें :

जिन महिलाओं के पीरियड चल रहे हैं उन महिलाओं ने या लड़कियों ने अपने सैनिटरी पैड की तरफ ध्यान रखना चाहिए | सेनेटरी पैड ज्यादातर महिलाएं इस्तेमाल करती है, जिससे उनको पीरियड के समय राहत मिलती है |

सेनेटरी पैड
सेनेटरी पैड

अगर आप के पीरियड्स चल रहे हैं और आपके मासिक धर्म को दो से 3 दिन भी हुए हैं तो आपको 5 घंटे के अंदर अपने सेनेटरी पैड चेंज कर लेनी चाहिए, क्योंकि 5 घंटे से ज्यादा गिला सेनेटरी पैड अपने प्राइवेट पार्ट पर रखने से महिलाओं को वेजाइनल इंफेक्शन हो जाता है और कई बार तो योनि में फंगल इनफेक्शन भी हो सकता है |

सर्वे के अनुसार पता चला है की जो महिलाएं योनि पर अधिक समय तक एक ही सेनेटरी पैड रखती है, उन महिलाओं में कैंसर तक होने की संभावना बनी रहती है |

अगर आप किसी भी प्रकार का पैड इस्तेमाल कर रही हो भले वह महंगा हो सस्ता हो या ब्रांडेड हो आपको यह 4 से 5 घंटे के ऊपर नहीं रखना है क्योंकि पैसों से ज्यादा सेहत बहुत जरूरी होती है, इसलिए कभी भी 4 से 5 घंटे के ऊपर आपको अपने वजाइना पर सेनेटरी पैड नहीं रखना है |

अगर आप ने मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल किया है और उसके ऊपर पैड पहना है, तो आप 7 से 8 घंटे के लिए रख सकते हो | लेकिन यदि आपने मेंस्ट्रूअल कप का इस्तेमाल नहीं किया है और आपका पीरियड का खून यदि सेनेटरी पैड पर लगा हुआ है, तो आप थोड़ी से गलती से 5 घंटे के ऊपर नहीं रखना है क्योंकि जब तक वह कौन आपके यूट्रस में है तब तक उससे आपको कोई नुकसान नहीं है,  जैसे ही वह आपकी योनि से बाहर आता है तब उस ब्लड में केमिकल रिएक्शन होने के कारण वह जहरीला बन जाता है और यह आपकी योनि की स्किन को भी डैमेज कर सकता है |

सेनेटरी पैड बदलते वक्त साफ सफाई है जरूरी :

जब भी आप पीरियड के दौरान सैनिटरी पैड्स बदलना चाहती है तब आप उस समय में योनि को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए और आपको यह इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि गलती से भी वह योनि से निकला हुआ ब्लड अपने शरीर पर लगने नहीं देना चाहिए |

पीरियड का खून बाहर निकलने के बाद उसमें केमिकल रिएक्शन होने की वजह से और बैक्टीरिया मौजूद होने के कारण आपको बैक्टीरियल इनफेक्शन हो सकता है, इसलिए कभी भी सैनिटरी नैपकिन इस्तेमाल करने के बाद आपको अपने यौन अंग को अच्छे से साफ कर लेना चाहिए |

सेनेटरी पैड बदलते वक्त साफ सफाई
सेनेटरी पैड बदलते वक्त साफ सफाई

प्राइवेट पार्ट को साफ करते समय आप फिटकरी का पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हो, इससे आपकी इनफेक्शन होने का खतरा कम हो जाता है | कभी भी अपने प्राइवेट पार्ट को साफ करते समय कॉटन के कपड़े का इस्तेमाल कीजिए और साफ करते समय आपको यह कपड़ा अपने प्राइवेट पार्ट पर रगड़ना नहीं है बस ऊपर के ऊपर लगा लेना है | अगर संभव है तो वह कपड़ा आपको अलग ही रखना है और उस कपड़े को डेटॉल के इस्तेमाल से साफ करके ही बाद में इस्तेमाल करना है |

कॉटन के कपड़े से अपनी योनि को साफ करने के बाद आपको योनि के बाजू वाले हिस्से में फंगस इंफेक्शन का खतरा बहुत कम हो जाता है, इससे आपका यौन अंग खुजली जैसी समस्या से सुरक्षित रहता हैं, क्योंकि मासिक धर्म के समय में हाइजीन होना बहुत ही जरूरी होता है |

पीरियड के दौरान ज्यादा हैवी काम ना करें :

पीरियड के दौरान ज्यादा हैवी काम
पीरियड के दौरान ज्यादा हैवी काम

कई सारी लड़कियां बिजनेस के बारे में ख्याल ना रखने की वजह से उन्हें पीरियड्स के दौरान बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यदि अगर आप पीरियड्स आने से पहले अपने काम पहले से ही तय करके रखें की  इस समय में क्या करना है ? और आपको ज्यादा मेहनत वाला काम कब करना है क्योंकि पीरियड्स के दौरान अगर आप ज्यादा मेहनत वाला काम करती हो, तो इस कारण आपका मेंटल प्रेशर पड़ता है और इससे मासिक धर्म का स्राव कम ज्यादा होता रहता है और आने वाले समय में पीरियड्स में देरी हो सकती है |

अगर आपको कोई मेडिकल इलाज करवाना है जैसे कि रूट कैनल या कोई सर्जरी करवानी हो तो आपको यह सर्जरी पीरियड्स के दिनों में नहीं करवानी है, क्योंकि मासिक धर्म के समय महिलाओं के पेट में दर्द होता है और ऐसे समय में अधिक दर्द ना हो, इसलिए आपको यह सभी चीजें अपने पीरियड्स के साइकिल के हिसाब से ही रखनी है |

यदि मासिक धर्म के समय आपको कोई दर्द भरा काम करना है, तो आप गाइनेकोलॉजिस्ट की सलाह लेकर उनसे पीरियड्स में दर्द कम करने की दवाई ले सकते हैं, जिससे आपको अधिक परेशानियां नहीं होगी |

पुराने जमाने मैं मेडिसिन उपलब्ध ना होने के कारण महिलाएं लहसुन खाती थी या फिर अजवाइन को गर्म करके उसे छानकर उसका पानी पी लेती थी, इससे उनका पेट का दर्द कम होता था | लेकिन आज के इस आधुनिक जीवन में आप गायनेकोलॉजिस्ट से पीरियड का दर्द कम करने की मेडिसिन ले सकती हो |

अगर आपको पीरियड्स में पेट में दर्द कम करने के लिए कोई मेडिसिन लेने का मन नहीं है, तो आप हॉट वॉटर बॉटल से अपने पेट को सेक सकते हो | इससे आपका दर्द कम होने में आपको सहायता मिलेगी |

पीरियड्स के दिनों में सेक्स करना टालना चाहिए :

अगर आपकी शादी हो चुकी है या फिर आप सेक्सुअली एक्टिव हो और आपका पार्टनर आपके साथ यौन संबंध बनाने को कह रहा है, तो आपको अपने पार्टनर को इस बारे में समझाना चाहिए कि पीरियड के दौरान यौन संबंध बनाना अच्छी बात नहीं है | मासिक धर्म के दौरान सेक्स करना दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है |

पीरियड्स के दिनों में सेक्स
पीरियड्स के दिनों में सेक्स

पीरियड्स के दौरान कई सारी महिलाएं पीरियड होने के तीसरे दिन बाद सेक्स कर लेती है, इससे उनको ज्यादा दिक्कत नहीं होती है लेकिन वह अपने तबीयत के साथ खिलवाड़ कर रही है, क्योंकि मासिक धर्म के समय इनफेक्शन होने का खतरा अधिक होता है |

अगर फिर भी आपका सेक्स करने का मन हो रहा है और आपके पार्टनर से नहीं रहा जा रहा है, तो आप शावर सेक्स कर सकते हो | इस समय आपको बाथरूम में शावर ऑन करके सेक्स करना चाहिए, जिसके कारण योनि से निकलने वाला खून या बैक्टीरिया पानी के साथ बह जाएगा और आपको कोई परेशानी भी नहीं होगी |

एमसी मे अपने खानपान की तरफ ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है :

कई बार ऐसा होता है कि महिलाएं अपने मासिक धर्म के समय पर अपना खाना खाना छोड़ देती है, क्योंकि उनका खाना खाने में मन नहीं लगता है, जो उनको पीरियड्स के दौरान और कमजोर बनाता है |

एमसी मे अपने खानपान की तरफ ध्यान
एमसी मे अपने खानपान की तरफ ध्यान

यदि आपको मासिक धर्म के समय अपने खानपान की तरफ ध्यान रखना आ गया, तो आपको अधिक दर्द नहीं होगा और शारीरिक कमजोरी भी नहीं आएगी, इसीलिए जितना हो सके उतना हेल्दी डायट आपको रखना चाहिए |

आप खाने में प्रोटीन का सेवन अधिक कर सकती हो और कैलोरी युक्त खाना खा सकती है, जिससे कि आपका शरीर में प्रोटीन का और कैलरी का संतुलन बना रहेगा |  महिला फिटनेस डॉक्टर्स मासिक धर्म के समय अधिक कैल्शियम आयरन और फाइबर वाला खाना खाने को कहती है जो कि हमें हरी सब्जियों में मिल जाता है, इसलिए हरी सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए | जिससे आपके शरीर में कैल्शियम आयरन और फाइबर की मात्रा संतुलन में रहती है |

 

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